प्रगति, विश्वास और सहकारिता की नई ऊंचाइयों की ओर
जयपुर जिला दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ लिमिटेड (जयपुर डेयरी) की विकास यात्रा केवल एक संस्था की प्रगति की कहानी नहीं है, बल्कि यह हमारे दुग्ध उत्पादकों, सहकारी समितियों, कर्मचारियों, उपभोक्ताओं एवं सहयोगी संस्थाओं के सामूहिक विश्वास, परिश्रम और सहभागिता की कहानी है।
संचालक मंडल एवं प्रबंधन की ओर से मैं हमारे सभी दुग्ध उत्पादकों, मूल्यवान उपभोक्ताओं, सेवा प्रदाताओं एवं सहयोगी संस्थाओं का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं, जिन्होंने वर्षों से जयपुर डेयरी को एक सशक्त, विश्वसनीय एवं जन-केंद्रित संस्था बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। विशेष रूप से मैं हमारे समर्पित एवं कर्मठ कर्मचारियों का अभिनंदन करता हूं, जिनकी प्रतिबद्धता और उत्साह ने प्रत्येक चुनौती को अवसर में बदलने में हमारी सहायता की है।
पिछले वर्षों में जयपुर डेयरी ने निरंतर विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। आज हमारा प्रयास केवल दूध के संग्रहण एवं विपणन तक सीमित नहीं है, बल्कि दुग्ध उत्पादकों की आर्थिक समृद्धि, पशुधन की उत्पादकता, गुणवत्तापूर्ण उत्पाद, तकनीकी आधुनिकीकरण और पर्यावरण संरक्षण को एक समग्र विकास मॉडल के रूप में आगे बढ़ाना है।
दुग्ध उत्पादक हमारी प्राथमिकता
जयपुर डेयरी का मूल आधार हमारा दुग्ध उत्पादक है। हमारा निरंतर प्रयास है कि दुग्ध उत्पादकों को उनके दूध का उचित एवं प्रतिस्पर्धी मूल्य मिले तथा दुग्ध उत्पादन उनके लिए लाभकारी एवं सम्मानजनक आजीविका का माध्यम बने।
दुग्ध उत्पादन एवं गुणवत्ता में सुधार के लिए पौष्टिक सरस पशु आहार, मिनरल रिच फीड, काफ ग्रोथ फीड, अर्ली लैक्टेशन फीड, पशु स्वास्थ्य सेवाएं, कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण एवं कृमिनाशन जैसी सुविधाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है।
सहकारिता के साथ सामाजिक सरोकार
हमारा विश्वास है कि सहकारिता केवल आर्थिक गतिविधि नहीं, बल्कि सामाजिक सशक्तीकरण का माध्यम भी है। इसी भावना के साथ सरस मयारा योजना जैसी अभिनव पहल प्रारंभ की गई, जिसके अंतर्गत दुग्ध उत्पादकों की बेटियों के विवाह के अवसर पर ₹21,000 की सहायता प्रदान की जा रही है। यह योजना हमारे दुग्ध उत्पादकों के परिवारों के साथ जयपुर डेयरी के आत्मीय संबंध एवं सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।
इसी प्रकार सरस लाड़ो योजना, राज सरस सुरक्षा कवच योजना एवं सरस सामूहिक आरोग्य बीमा योजना के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों एवं उनके परिवारों को सामाजिक एवं आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास किया जा रहा है।
तकनीक और पारदर्शिता की ओर बढ़ते कदम
बदलते समय के साथ जयपुर डेयरी ने तकनीक को अपनी कार्यप्रणाली का अभिन्न हिस्सा बनाया है। ERP, डिजिटल माध्यम, Automatic Milk Collection Units, Bulk Milk Coolers एवं Electronic Milk Analyser जैसी व्यवस्थाओं ने दुग्ध संग्रहण एवं प्रबंधन में पारदर्शिता और दक्षता को बढ़ाया है।
हमारी सरस चल प्रयोगशाला (Mobile Quality Control Lab) गांव-गांव जाकर दूध की गुणवत्ता की जांच कर रही है। हमारा स्पष्ट उद्देश्य है कि दुग्ध उत्पादक को उसके दूध का उचित मूल्य मिले और उपभोक्ता तक शुद्ध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पाद पहुंचे।
उत्पादन क्षमता और नवाचार
जयपुर डेयरी ने संयंत्र के आधुनिकीकरण एवं क्षमता विस्तार की दिशा में भी उल्लेखनीय कदम उठाए हैं। आधुनिकीकरण के बाद प्रसंस्करण क्षमता 12 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़कर 20 लाख लीटर प्रतिदिन तथा पैकेजिंग क्षमता 10 लाख लीटर से बढ़कर 16.50 लाख लीटर प्रतिदिन हुई है।
स्वदेशी मिठाई निर्माण संयंत्र, आइसक्रीम संयंत्र, नए दुग्ध उत्पाद, नवीन पैकेजिंग तथा आगामी ऑटोमेटेड पनीर-दही-चीज संयंत्र जैसी परियोजनाओं के माध्यम से “सरस” को उपभोक्ताओं की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप निरंतर विकसित किया जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण—विकास के साथ जिम्मेदारी
जयपुर डेयरी का विकास केवल उत्पादन क्षमता बढ़ाने तक सीमित नहीं है। पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास हमारी विकास यात्रा का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
Zero Liquid Discharge (ZLD) Plant इसी प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण है। लगभग ₹20 करोड़ की लागत से स्थापित इस संयंत्र के माध्यम से प्रतिदिन लगभग 6.5 लाख लीटर जल का उपचार एवं पुनः उपयोग किया जा रहा है। इस पहल के लिए जयपुर डेयरी का Dairy Innovation Awards 2025 में नामांकन भी हुआ। इसके साथ ही रूफटॉप सोलर पावर प्लांट एवं बायो-फ्लेक्सी प्लांट जैसी पहलें हमारी हरित एवं सतत विकास की सोच को मजबूत करती हैं।
आज जयपुर डेयरी केवल दूध और दुग्ध उत्पादों की संस्था नहीं, बल्कि सहकारिता, नवाचार, सामाजिक उत्तरदायित्व, गुणवत्तापूर्ण उत्पादन और सतत विकास का एक सशक्त मॉडल बनने की दिशा में अग्रसर है।
मुझे पूर्ण विश्वास है कि हमारे दुग्ध उत्पादकों का विश्वास, उपभोक्ताओं का स्नेह, कर्मचारियों का समर्पण और सहकारिता की शक्ति जयपुर डेयरी को भविष्य में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी।
मनीष फौजदार

